भ्रामक विज्ञापन मामले में पतंजलि ने मांगी माफी, सुप्रीम कोर्ट ने रामदेव को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया
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नेशनल डेस्क: भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद योगगुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने बुधवार को हलफनामा दाखिल किया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। उन्होंने कहा, "कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में ऐसे विज्ञापन जारी न किए जाएं।"
पतंजलि ने हलफनामे में क्या कहा?
पतंजलि आयुर्वेद ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगते हुए कहा, 'विज्ञापनों के माध्यम से हमारा उद्देश्य देश के नागरिकों को हमारे उत्पादों का उपयोग करके स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।' आचार्य बालकृष्ण ने कहा, “नवंबर 2023 के बाद जारी विज्ञापनों को कंपनी के मीडिया विभाग द्वारा अनुमोदित किया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं थी। इन विज्ञापनों का उद्देश्य केवल सामान्य बयान देना था। लेकिन इसमें गलती से आपत्तिजनक वाक्य शामिल हो गए।
सुप्रीम कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं
कोर्ट के आदेश के बाद भी पतंजलि आयुर्वेद ने दवाओं का भ्रामक प्रचार जारी रखा है. इस संबंध में कंपनी को 19 मार्च को मानहानि का नोटिस जारी किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने भी कंपनी को फटकार लगाई. नोटिस का जवाब न देने पर कोर्ट ने आचार्य बालकृष्ण को 2 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के निर्देश जारी किए.
Patanjali Apologized Misleading Advertisement Case Supreme Court Ordered Ramdev To Appear In Court Livepunjabitv