ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਦੁਰਗਾ ਪੂਜਾ ਦਾ ਜਸ਼ਨ ਰੰਗ-ਬਿਰੰਗੀ ਰੌਸ਼ਨੀ ਅਤੇ ਸੁੰਦਰ ਸਜਾਏ ਪੰਡਾਲਾਂ ਨਾਲ ਅਮਿਤ ਸ਼ਾਹ 20 ਅਕਤੂਬਰ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਦੌਰਾ ਕਰਨਗੇ ਪੰਜਾਬ ਖਾਣ ਵਿਭਾਗ, ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਖਿਜਰਪੁਰ ਪਿੰਡ ਤੇ ਛਾਪਾ ਮਾਰਿਆ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਕਾਰਵਾਈ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ, ਪ੍ਰਚਾਰ ਨਹੀਂ: ਸਪਲਾਈ ਚੇਨ ਨੂੰ ਤੋੜਿਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ: ਭਾਜਪਾ ਸਵੀਡਨ ਤੋਂ ਹਰਿਆਣਾ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਨੂੰ ਨਵੀਂ ਗਤੀ ਮੁੰਬਈ ਦੇ ਜੁਹੂ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਬਾਲੀਵੁੱਡ ਅਦਾਕਾਰ ਟਾਈਗਰ ਸ਼ਰਾਫ ਦੀ ਕਾਰ ਤੇ ਗੋਲੀਬਾਰੀ ਅਲਬਰਟਾ ਦੇ ਫ਼ੌਜੀ ਅੱਡੇ ਤੇ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਧਮਾਕੇ ਮਗਰੋਂ ਭਿਆਨਕ ਅੱਗ ਹੋਰਮੁਜ਼ ਜਲਡਮਰੂਮੱਧ ਚ ਡੁੱਬੇ ਕਾਰਗੋ ਜਹਾਜ਼ ਤੋਂ ਆਈਫੋਨ ਤੇ ਪਰਫਿਊਮ ਲੁੱਟਣ ਪਹੁੰਚੇ ਈਰਾਨੀ ਮਛੇਰੇ ਪੈਰਿਸ ਚ ਵਿਰੋਧ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨਾਂ ਦੌਰਾਨ ਹਿੰਸਾ ਤੇ ਲੁੱਟਮਾਰ ਕ੍ਰਿਸਮਸ ਦੀ ਭੀੜ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਏਅਰ ਨਿਊਜ਼ੀਲੈਂਡ ਸਖ਼ਤ ਕਰੇਗੀ ਨਿਯਮ

200 करोड़ की संपत्ति दान कर संन्यासी बन गया गुजरात का ये बिजनेसमैन, पढ़ें क्यों लिया ये फैसला

200 करोड़ की संपत्ति दान कर संन्यासी बन गया गुजरात का ये बिज


Punjabi Pehchan / National

नेशनल डेस्क: आपने मोह माया को त्यागने से जुड़ी कई कहानियां और किस्से सुने होंगे, लेकिन असल जिंदगी में ऐसा होता कम ही देखा होगा। आज हम आपको एक ऐसे ही अरबपति के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने जिंदगी से जुड़ी ऐसी कहानियों को हकीकत में बदल दिया है। दरअसल, गुजरात के एक बिजनेसमैन ने धन-दौलत और सुख-सुविधा का मोह छोड़कर संन्यासी बनने का फैसला किया है। यही कारण है कि वे इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं और हर कोई उनके बारे में बात कर रहा है।

व्यापारी के इस फैसले को सुनकर हर कोई जानना चाहता है कि यह व्यापारी उन सुख-सुविधाओं को छोड़कर साधु क्यों बनना चाहता है, जिसके लिए व्यक्ति दिन-रात मेहनत करता है। गुजरात के भावेश भाई भंडारी ने इन दिनों इंटरनेट पर तहलका मचा रखा है. आपको बता दें कि भावेश भाई भंडारी ने अपनी पत्नी के साथ संन्यास लेने का फैसला किया है. आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन परिवार ने रिटायरमेंट के लिए 200 करोड़ रुपये की संपत्ति दान कर दी है। आपको बता दें कि बिजनेसमैन भावेश भाई भंडारी का कंस्ट्रक्शन बिजनेस था। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन भावेश भाई के बच्चे पहले ही संन्यासी बन चुके हैं.
गुजरात के हिम्मतनगर के रहने वाले अरबपति बिजनेसमैन भावेश भाई भंडारी की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही है, जो लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है। खबरों में दावा किया जा रहा है कि भावेश भंडारी और उनकी पत्नी ने जैन धर्म में दीक्षा लेने का फैसला किया है. जैन धर्म में, दीक्षा का अर्थ त्याग है, अर्थात भौतिक संसार से हटना। आपको बता दें कि साल 2022 में उनका 16 साल का बेटा और 19 साल की बेटी संन्यासी बन गए. अपने बच्चों की पसंद से प्रेरित होकर भावेश भाई और उनकी पत्नी ने भी ऐसा ही करने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि 22 अप्रैल को वह हिम्मतनगर रिवरफ्रंट पर औपचारिक रूप से त्याग का जीवन जीने के लिए आगे बढ़ेंगे।

Gujarat Businessman Became A Hermit By Donating Property Of 200 Crores


Sports/Health/Entertainmant

Advertise Here

Reach thousands of visitors daily. High-visibility premium placement.

Get Started
Latest